मज़ाक
सच कहता हूँ दोस्त , हँसी तो बहुत आती है , तेरी लिखी एक-एक बात पर। मैं दुआ करता हूँ , मेरे अलावा भी कोई हँस दिया करे , झूठा ही सही , तेरी इन करामात पर। तेरी हस्ती कोई मामूली नहीं , गर्व होता है हर पल , खुदा की ऐसी क़ायनात पर। खैर ऐसे ओछे मज़ाक करने की ज़रूरत नहीं , कुछ अपने बारे में ही लिख दिया कर। क्योंकि तेरी ज़िन्दगी खुद ही लगती है, एक छोटा सा मज़ाक भर ! ...