ओ पाकीज़ा

ना कहना कभी भूलकर, “मुझ पर तुम शायरी लिखो”, मेरी नज़्में किसी बख़्श तुझे बयाँ ना कर पाएंगी, जा देख कभी आईने में कुछ देर खुद को, ओ पाकीज़ा, ख़ुदा की लिखी शायरी तुझे आप नज़र आ जायेगी। ~रबी [ Don’t ever say, “Write poetry on me”, My couplets will never be able to describe you, Go see yourself in mirror for a while, Oh pure soul, You will get to read the poetry written by the Lord. ] ...

August 19, 2012  · #90

एक गुज़ारिश

आपसे एक गुज़ारिश थी… यूँ तन्हा, उदास रहा ना करो। खफ़ा है ज़िन्दगी आपसे, आप ज़िन्दगी से ख़फ़ा रहो तो रहो, अपनों से बेपरवाह रहा ना करो। एक गुज़ारिश और भी… की थोडा और मुस्कुराया करो, आँखों में चमक ज़रा और लाया करो। सुर्ख होठों को लाल रंग की ज़रुरत नहीं, इन लबों को हँसी से ही सजाया करो। और एक गुज़ारिश आख़री… हम प्यार करते हैं आपसे, हमें इतना सताया ना करो। गलतियां तो सभी करते हैं, पर रूठ कर नहीं… हमें प्यार से ही समझाया करो। ...

August 16, 2012  · #89

ख़ुदा सी कुव्वत

सर झुकाने आया हूँ, सर झुका के जाऊँगा, लहू की प्यास हो ‘गर तुझे, हर कतरा चढ़ा के जाऊँगा, बंदा हूँ मैं जात से, बंदगी फितरत मेरी, है ख़ुदा सी कुव्वत तुझमें, तो आ रोक ले मुझे… ~रबी [ I came here to bow my head, I will do that, If you are thirsty, I will give every drop of my blood, I am a disciple from caste, bowing to you is my habit, If you really have God like ability, come stop me… ] ...

August 15, 2012  · #88

क्यों बैठी हो उदास

क्यों बैठी हो उदास, चलो तुम्हें मैं एक काम नया देता हूँ। तुम पहनो नए-नए लिबास, मैं दाद नयी देता हूँ। तुम करो नयी शिकायतें, मैं फ़साद नए लेता हूँ। तुम गुनगुनाओ नयी पंक्तियाँ, मैं साज़ नए छेड़ता हूँ। तुम बनाओ ख़्वाबों के पुलिंदे नए, मैं साथ उनपे चलता हूँ। ना बैठोगी फिर कभी यूँ उदास, चलो एक काम तुम्हें ऐसा देता हूँ। ~रबी [ Why are you sitting alone, Come let me give you a little work. ...

August 14, 2012  · #87

अनकही बात

एक बात थी कहने को, जो अरमान बन रह गयी। दिल से तो निकली थी उफ़न के, पर ज़ुबान बंद रह गयी। तुझको पाया तो औरों की क्या कहें, खुद अपने हाथों की लकीरें दंग रह गयीं। कुछ इस कदर हारे हम तेरी आदतों से, मेरी हर अदा तेरी शोख़ियों के आगे कम रह गयी। मगर… ख़बर मिली रुख़सत होने की तेरी मुझे जब, लहू की बूँदें रगों में जम रह गयीं। ...

August 13, 2012  · #86

परख लेना

अगर बेज़ार हो वहम मेरी दोस्ती पे तुम्हें, आँखों में झाँक मेरी सच्चाई परख लेना। अगर न आ सकूँ नज़रों के सामने मैं तुम्हारी, तुम गुफ़्तगू कर मेरी वफ़ाई परख लेना। अगर न सुन पाओ मेरी आवाज़ भी एक तलब पर तुम, फ़क़त तुम पर लिखी मेरी रुबाई परख लेना। ~रबी [ If you get angry and suspect my friendship, Look into my eyes and test my truthfulness. If I can’t come in front of your eyes for some reason, You listen to my voice and test my loyalty. ...

August 6, 2012  · #85

एक सपना

चलो आज मिलकर एक सपना बुनें, जिसमे सिर्फ तुम रहो, और मुझे पनाह मिले, जहाँ और किसी का जिक्र न हो, जहां और किसी से इल्तिजा न रहे। गम का जिसमे निशाँ ना हो, आँसुओं को जिसमे जगह ना मिले, अगर कुछ रहे तो बस एक सुकूँ, ये यकीन, मैं तेरी, तू मेरी नींदों में रहे। एक सपना जो असलियत सा लगे, और हकीकत बुरा ख्वाब महसूस हो मुझे, जिसको देखूं तो जागने की तमन्ना न रहे, चलो आज मिलकर एक सपना बुनें। ...

August 5, 2012  · #84

ज़िन्दगी - एक ट्रेन

तेरे बिना ये ज़िन्दगी, वो ट्रेन का डिब्बा है लगता, जिस पर बिन सोचे-समझे मैं चढ़ तो गया, पर अब आगे जाने का मन नहीं करता, आखिर हमसफ़र के बिना हम सफ़र करके करेंगे भी क्या? राह में कई मिले अब तक, बहुत से बुरे तो कुछ भले भी, जो कुछ ऐसे मिले भी, जिन्हें दिल ने रोकने की कोशिश की। मन किया ले चलें अपने साथ, ये ट्रेन ले जाए जहाँ कहीं भी, पर देखिये किस्मत हमारी ऐसी, उन्हें उनकी मंजिल पहले ही पता थी। ...

July 31, 2012  · #82

शीशा

क्या होता गर, इस जहां हर इन्सां शीशा बन जाता, हर शख्स में अक्स बस तेरा ही नजर आता, हर वक्त बस तू ही आँखों में कैद रहता, शीशे से उतार तुझे पलकों में समेट लेता, पर अगर किसी दिन तू मुझे अकेला छोड़ जाता, मैं तेरे साए का हर एक आइना तोड़ देता। ~रबी [ What would happen, if whole world were to become a mirror, I would see your reflection in every person, You would remain a captive in my eyes, I would have drawn you from the mirror into my eyelids, But if you would have left me alone someday, I would have broken all those mirrors. ] ...

July 30, 2012  · #81

दिल

दिल लगा के हमने देखा, दिल पर इस कदर लगी, अब दिल लगे ना लगे, फिर कभी दिल्लगी नहीं। ~रबी [ I tried giving my heart, So much it got hurt, Howsoever path3tic my life remains, I will never try it again. ]

July 27, 2012  · #80